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किंगफिशर ने उड़ानों का परिचालन शुरू किया

MP POST:-23-02-2012
नई दिल्ली। गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही किंगफिशर एयरलाइन्स ने अपनी नई उड़ान समयसारणी के मुताबिक उड़ानों का गुरुवार को परिचालन शुरू किया। इसमें पहले की तुलना में उड़ानों की संख्या काफी कम कर दी गई है। उल्लेखनीय कि विमानन नियामक डीजीसीए ने इसका परिचालन ब्योरे का परीक्षण किया, ताकि इस पर विचार किया जा सके कि नियम तोड़ने के खिलाफ कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है या नहीं। कंपनी को 13 बैंकों के समूह द्वारा ताजा ऋण की पेशकश के बारे में अभी अनिश्चितता है क्योंकि खबर है कि प्रमुख बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने किंगफिशर को 1,650 करोड़ रुपये का राहत पैकेज देने से इंकार किया है, लेकिन बैंक अपनी योजना के बारे में कुछ भी नहीं बता रहे।
नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा कि यदि बैंकों यह अच्छा कारोबार लगता है तो वे किंगफिशर को ऋण देंगे, लेकिन सरकार बैंकों से यह नहीं कहेगी कि वे किसी निजी उद्योग को ऋण दें। इसका फैसला बैंक ही करेंगे। उन्हें इस आधार पर फैसला करना है कि उन्हें धन वापस मिलेगा या नहीं।
सूत्रों ने बताया कि इस बीच नागर विमानन महानिदेशालय [डीजीसीए] ने किंगफिशर के अधिकारियों की रिपोर्ट की जांच शुरू कर दी है। डीजीसीए के प्रमुख ई के भारत भूषण ने मंत्री को इसकी जानकारी दी और किंगफिशर के शीर्ष अधिकारियों के साथ हुई बातचीत संबंधी रिपोर्ट सौंपी। उन्होंने बताया कि विमानन नियामक किंगफिशर की नई और कम उड़ानों वाली समयसारणी की जांच कर रही है जिसमें तहत 28 विमानों के जरिए 175 उड़ानों के परिचालन का ब्योरा है। यह पूछने पर कि क्या विमान कानून [1937] के नियम का उल्लंघन करने के आरोप में किंगफिशर के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है या नहीं इस बारे अजित सिंह ने कहा कि डीजीसीए इन सब पर विचार कर रहा है। उन्हें कुछ रपट मिली है। फिलहाल हमारी प्राथमिकता यह देखना है कि वे कितनी उड़ानों का परिचालन कर सकते हैं और यह सुरक्षित करना कि उड़ानें पूरी तरह सुरक्षित हों।
मंत्री ने स्वीकार किया कि विमानन उद्योग मुश्किल दौर से गुजर रहा है और कहा कि नागर विमानन आर्थिक वृद्धि का महत्वपूर्ण क्षेत्र है। हम बहुत सी नीतियों में बदलाव कर रहे हैं। इस क्षेत्र को प्रोत्साहन देना है और इसे वृद्धि दर्ज करना है। इस बीच हवाईअड्डा के सूत्रों ने बताया कि किंगफिशर ने सोमवार को डीजीसीए को सौंपी संशोधित समयसारणी के मुताबिक अपनी उड़ानों का परिचालन शुरू कर दिया है।
विमानन कंपनी ने कहा कि वह रोजाना 175 उड़ानों का परिचालन करेगी, जबकि पिछले अक्टूबर में उसने 400 उड़ानों की अनुमति मांगी थी। उस वक्त किंगफिशर ने नियामक को बताया था कि वह 64 विमानों का परिचालन करेगी, लेकिन अब इनकी संख्या घटकर 28 रह गई है क्योंकि या तो विमान का पट्टा देने वालों ने विमान वापस ले लिए हैं या फिर उनकी मरम्मत होनी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड [सीबीडीटी] ने किंगफिशर के बैंक खातों पर रोक लगा दी है क्योंकि उसे 31 मार्च तक 40 करोड़ रुपये का अप्रत्यक्ष कर चुकाना है।