Facebook Twitter Youtube g+ Linkedin
श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना की दूसरी इकाई से अक्टूबर से उत्पादन नई ई.व्ही.एम. में मल्टी पोस्ट, मल्टी वोट और मल्टी रिजल्ट की सुविधा ‘सामना’ की तरह अखबार निकालेगी मप्र भाजपा प्रधानमंत्री मानसून सत्र के बाद करेंगे मंत्रिमंडल का विस्तार UPSC के छात्रों से मिले राहुल, कहा अन्याय नहीं होगा मध्यप्रदेश में सुशासन की दृष्टि से अनूठी- नंदकुमार सिंह जल्द सुलझा लेंगे यूपीएससी विवाद: राजनाथ राष्‍ट्रपति ने राष्‍ट्रमंडल खेलों में पदक विजेताओं को दी बधाई राज्य शासन द्वारा शुरू की गई अभिनव पहल डिजिटल जाति प्रमाण पत्र मिडिल स्तर पर भी उत्कृष्ट विद्यालय प्रांरभ होंगे देश भर की यात्रा पर विज्ञान एक्‍सप्रेस किसान-कल्याण मंत्री श्री बिसेन के विशेष सहायक नियुक्त अखिलेश ने पीएम को लिखा पत्र, सी-सैट पर पुनर्विचार की मांग कर्मचारी संगठनों के माँग-पत्रों पर विचार के लिये मंत्रि-परिषद् का पुनर्गठन उच्च शिक्षा मंत्री का दौरा कार्यक्रम उपराष्‍ट्रपति ने ईद-उल-फितर के मौके पर शुभकामना और बधाई दी युगांडा के विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री से भेंट की महिला-बाल विकास विभाग में ऑनलाइन रिसोर्स पर्सन तिथि बढ़ी Follows us on 
 मुख्य शीर्षक
 आज के कार्यक्रम
..........
 आमने सामने
  

चार नर्मदा परियोजनाओं को जल आयोग की स्वीकृति

MP POST:-25-02-2012
भोपाल।भारत सरकार के केन्द्रीय जल आयोग ने नर्मदा घाटी की चार वृहद परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। ये परियोजनाएँ हैं चिंकी, शेर, मच्छरेवा और शक्कर। आयोग ने इन परियोजनाओं के प्राथमिक प्रतिवेदनों के अध्ययन के बाद विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने के लिये नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण को सूचित किया है।
जिन परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है उनमें प्रस्तावित चिंकी परियोजना का निर्माण नर्मदा नदी पर ग्राम पिपरिया के पास नरसिंहपुर जिले में होगा। परियोजना के निर्माण से रायसेन और नरसिंहपुर जिलों में 73 हजार 979 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। इसके साथ ही परियोजना से 15 मेगावाट जल विद्युत का उत्पादन भी किया जा सकेगा। आरम्भिक अनुमान के अनुसार परियोजना की लागत लगभग 600 करोड़ रूपये है।
स्वीकृत शेर परियोजना नरसिंहपुर जिले में नर्मदा की सहायक शेर नदी पर और मच्छरेवा परियोजना इसी जिले में नर्मदा की सहायक मच्छरेवा नदी पर प्रस्तावित है। शक्कर परियोजना छिन्दवाड़ा जिले में नर्मदा की सहायक शक्कर नदी पर प्रस्तावित है। यह तीनों परियोजनाएँ एक काम्पलेक्स के रूप में निर्मित होगी। इनके जलाशयों से सिंचाई जल कामन मुख्य नहर में प्रवाहित होकर 64 हजार 800 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता निर्मित करेगा। सम्मिलित रूप से इन परियोजनाओं की लागत 650 करोड़ रूपये आँकी गई है।
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री ओ.पी. रावत ने बताया कि इन चार परियोजनाओं की सैद्धांतिक सहमति वृहद परियोजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण कदम है। इन परियोजनाओं के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन शीघ्र तैयार किये जायेंगे। श्री रावत ने बताया कि प्राधिकरण ने परियोजनाओं के अनुमोदन, निर्माण और परियोजना लाभ को केन्द्रित कर बहुआयामी रणनीति लागू की है। लक्ष्य है मध्यप्रदेश को आवंटित जल के उपयोग को वर्ष 2020 तक सुनिश्चित करना।