 MP POST:-25-02-2012 भोपाल।भारत सरकार के केन्द्रीय जल आयोग ने नर्मदा घाटी की चार वृहद परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। ये परियोजनाएँ हैं चिंकी, शेर, मच्छरेवा और शक्कर। आयोग ने इन परियोजनाओं के प्राथमिक प्रतिवेदनों के अध्ययन के बाद विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने के लिये नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण को सूचित किया है।
जिन परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है उनमें प्रस्तावित चिंकी परियोजना का निर्माण नर्मदा नदी पर ग्राम पिपरिया के पास नरसिंहपुर जिले में होगा। परियोजना के निर्माण से रायसेन और नरसिंहपुर जिलों में 73 हजार 979 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। इसके साथ ही परियोजना से 15 मेगावाट जल विद्युत का उत्पादन भी किया जा सकेगा। आरम्भिक अनुमान के अनुसार परियोजना की लागत लगभग 600 करोड़ रूपये है।
स्वीकृत शेर परियोजना नरसिंहपुर जिले में नर्मदा की सहायक शेर नदी पर और मच्छरेवा परियोजना इसी जिले में नर्मदा की सहायक मच्छरेवा नदी पर प्रस्तावित है। शक्कर परियोजना छिन्दवाड़ा जिले में नर्मदा की सहायक शक्कर नदी पर प्रस्तावित है। यह तीनों परियोजनाएँ एक काम्पलेक्स के रूप में निर्मित होगी। इनके जलाशयों से सिंचाई जल कामन मुख्य नहर में प्रवाहित होकर 64 हजार 800 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता निर्मित करेगा। सम्मिलित रूप से इन परियोजनाओं की लागत 650 करोड़ रूपये आँकी गई है।
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री ओ.पी. रावत ने बताया कि इन चार परियोजनाओं की सैद्धांतिक सहमति वृहद परियोजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण कदम है। इन परियोजनाओं के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन शीघ्र तैयार किये जायेंगे। श्री रावत ने बताया कि प्राधिकरण ने परियोजनाओं के अनुमोदन, निर्माण और परियोजना लाभ को केन्द्रित कर बहुआयामी रणनीति लागू की है। लक्ष्य है मध्यप्रदेश को आवंटित जल के उपयोग को वर्ष 2020 तक सुनिश्चित करना।

|