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मध्यप्रदेश की आईटी नीति में संशोधन-मंत्री विजयवर्गीय

MP POST:-13-03-2012
भोपाल।मध्यप्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी नीति 2006 जारी की थी। इस नीति के प्रावधान में आज से आंशिक संशोधन किया गया है। इस संबंध में राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राज्य विधानसभा में मंगलवार 13 मार्च 2012 को सूचना प्रौद्योगिकी नीति 2006 में संशोधन के संबंध में वक्तव्य दिया।
आईटी मंत्री श्री विजयवर्गीय ने विधानसभा में कांग्रेस द्वारा किये जा रहे भारी शोरगुल के बीच सदन को अवगत कराया कि मध्यप्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी नीति 2006 में आईटी कम्पनियों को भूमि आवंटन की स्थिति में विकसित क्षेत्र पर प्रति एकड़ न्यूनतम 350 व्यक्तियों को रोजगार देने की अनिवार्यता को शिथिल करते हुए इसे न्यूनतम 100 इंजीनियर्स, आईटी, आईटीईएस प्रोफेशनल्स प्रति एकड़ किया जा रहा है।
उन्होंने सदन को बताया कि वर्तमान में शासन निर्देशों के अनुसार नैस्कॉम सूची में दर्ज शीर्ष कम्पनियों को छोड़कर शेष आईटी कम्पनियों को भूमि आवंटन की स्थिति में भूमि के बाजार मूल्य एवं कम्पनी के लिए निर्धारित रियायती मूल्य के अंतर की राशि की बैंक गारंटी के लिये जाने का प्रावधान है। उक्त प्रावधान को शिथिल करते हुए अब आईटी कम्पनियों से बैंक गारंटी प्राप्त करने की अनिवार्यता को समाप्त किया जा रहा है। कंपनी द्वारा भूमि के संभावित दुरूपयोग को रोकने के लिए लीज डीड में समुचित प्रावधान किये जायेगें।