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मुख्यमंत्री ने की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा

MP POST:-15-05-2012
भोपाल।प्रदेश में नदी, डेम आदि सतही जल-स्त्रोतों पर आधारित समूह जल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन जल विकास निगम के माध्यम से किया जायेगा। कम से कम 50 प्रतिशत नलकूप का खनन विभागीय मशीनों से होगा। यह जानकारी आज यहाँ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गयी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा में दी गयी। बताया गया कि सतही जल-स्त्रोतों पर आधारित योजना का प्रस्ताव कैबिनेट की अगली बैठक में प्रस्तुत किया जायेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये कि डार्क एरिया, जहाँ पानी की समस्या है, में पेयजल उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दिया जाय। पेयजल योजनाएँ आगामी 25 वर्ष की जनसंख्या तथा विकास को ध्यान में रखते हुए बनायी जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि उनके द्वारा की गयी घोषणाओं के अमल में विलम्ब नहीं हो। श्री चौहान ने भू-जल संवर्धन के कार्यों के स्थल निरीक्षण के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि नलकूप खनन के लिये क्षेत्र में भेजी जाने वाली विभागीय मशीनों की निगरानी जी पी एस सिस्टम से की जायेगी। विभागीय योजनाओं का थर्ड पार्टी निरीक्षण तथा मूल्यांकन करवाया जायेगा। इसमें सेवानिवृत्त विभागीय अधिकारी तथा अन्य विभागों के अधिकारियों की सेवाएँ ली जायेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा सिस्टम बनाया जाय जिसमें गड़बड़ी की गुंजाइश ही नहीं रहे। बैठक में जानकारी दी गयी कि बंद पड़ी सभी नल-जल योजनाएँ अभियान चलाकर चालू की जा रही हैं। बीते वित्तीय वर्ष के दौरान इस अभियान में 1100 नल-जल योजनाएँ चालू की गयीं।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के इंटीग्रेटेड एक्शन प्लान वाले नौ जिलों सहित 13 जिलों के 735 ग्राम में इस वर्ष दोहरी सुविधा वाली जल योजना क्रियान्वित की जायेगी। रुपये 38 करोड़ 36 लाख लागत की इन योजनाओं में सब्सिडी उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव केन्द्र शासन को भेजा गया है। इन योजनाओं में हैण्ड पम्पों में सोलर पम्प लगाये जायेंगे। जिससे सूर्य की रोशनी के दौरान पम्प से पानी प्राप्त होगा तथा जरूरत पड़ने पर हैण्ड पम्प भी चलाये जा सकेंगे।
बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, मुख्य सचिव श्री आर. परशुराम, प्रमुख सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव श्री अजय नाथ, सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री एस.के. मिश्रा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।